उत्तराखंड: ‘मैं हमेशा मेन लाइन में रहता हूं’, राजनीतिक सक्रियता पर निशंक की दो टूक
पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने साइडलाइन किए जाने की चर्चाओं पर जवाब देते हुए कहा कि वह हमेशा मेन लाइन में रहे हैं और सक्रिय राजनीति में हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पर उन्होंने कहा कि...
Oct 23 2026 4:34PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमेश पोखरियाल निशंक एक बार फिर चर्चा में हैं। लंबे समय से पार्टी की गतिविधियों में कम नजर आने के कारण उनके राजनीतिक रूप से साइडलाइन होने के कयास लगाए जा रहे थे। अब निशंक ने इन अटकलों पर जवाब देते हुए साफ कहा है कि वह हमेशा मेन लाइन में रहे हैं और आगे भी रहेंगे।
Ramesh Pokhriyal Nishank Breaks Silence on Being Sidelined in BJP
पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से जब उन्हें राजनीतिक रूप से साइडलाइन किए जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “ये साइडलाइन क्या होता है? मैं हमेशा मेन लाइन में रहता हूं।” निशंक ने कहा कि वह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि साइडलाइन होने का क्या मतलब है। उन्होंने दोहराया कि जब तक उन्हें राजनीति में रहना होगा, वह मेन लाइन में ही रहेंगे और कभी साइडलाइन नहीं जा सकते। बीजेपी नेता का यह बयान उन चर्चाओं के बीच आया है, जिनमें उनकी राजनीतिक सक्रियता और पार्टी में भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाऊंगा: निशंक
रमेश पोखरियाल निशंक ने अपनी राजनीतिक सक्रियता को लेकर कहा कि वह अभी भी सक्रिय राजनीति में हैं। पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपती है, वह उसे निभाते हैं। उनके इस बयान को उत्तराखंड बीजेपी में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चल रही अटकलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। आगे पढ़िए..
हालांकि, उनके भविष्य की भूमिका को लेकर पार्टी की ओर से किसी नए फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भी बोले निशंक
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर चल रही सीबीआई जांच पर भी रमेश पोखरियाल निशंक ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपना नजरिया होता है, लेकिन सामूहिक नजरिया सही होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में सीबीआई जांच चल रही है, इसलिए इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। मामले में जांच को लेकर अलग-अलग स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में निशंक का बयान जांच पूरी होने तक टिप्पणी से बचने की बात पर केंद्रित रहा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से केंद्रीय शिक्षा मंत्री तक का सफर
रमेश पोखरियाल निशंक बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह 27 जून 2009 से 10 सितंबर 2011 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार में चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और आयुष मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। साल 2014 में निशंक हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। वर्ष 2019 में उन्होंने इसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया। उन्होंने 31 मई 2019 से जुलाई 2021 तक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में काम किया। इसी अवधि में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया।
निशंक के बयान से उत्तराखंड की राजनीति में फिर चर्चा
रमेश पोखरियाल निशंक का ‘मेन लाइन’ वाला बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। उन्होंने अपने बयान के जरिए साफ किया है कि वह खुद को राजनीति से अलग या साइडलाइन नहीं मानते। अब देखना होगा कि आने वाले समय में उत्तराखंड बीजेपी में निशंक की भूमिका किस तरह सामने आती है और पार्टी उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी सौंपती है।