रुद्रप्रयाग: तुंगनाथ मंदिर के कपाट कल शीतकाल के लिए होंगे बंद, अब 6 माह मक्कूमठ में होंगे दर्शन
तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शुक्रवार 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे और बाबा की उत्सव डोली 8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी।
Nov 5 2026 9:30PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के प्रसिद्ध तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट शुक्रवार, 6 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच शुभ मुहूर्त में कपाट बंद करने की प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके साथ ही इस वर्ष की तुंगनाथ धाम यात्रा का समापन हो जाएगा। मंदिर समिति ने कपाट बंद करने को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Tungnath Temple to Close Today for Winter
कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार को डोली पहले रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी। इसके बाद 7 नवंबर को डोली भनकुण्ड पहुंचेगी, जहां उसका अंतिम रात्रि प्रवास होगा। परंपरागत यात्रा पड़ावों से होते हुए 8 नवंबर को बाबा तुंगनाथ की उत्सव डोली मक्कूमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचेगी। तुंगनाथ मंदिर समिति के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि कपाट बंद करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को शुभ लग्न में वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट बंद किए जाएंगे।
केदारनाथ धाम में अब भी उमड़ रहे श्रद्धालु
दूसरी ओर, बाबा केदारनाथ धाम की यात्रा भी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। आगामी 11 नवंबर को केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। हालांकि, कपाट बंद होने से पहले भी देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इन दिनों केदारनाथ धाम में भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। मंदिर परिसर बाबा केदार के जयकारों से गूंज रहा है। इस वर्ष अब तक 19 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
ठंड और बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन की अपील
केदारनाथ धाम में लगातार गिरते तापमान और संभावित बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और आवश्यक सामान साथ रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम के लिए रवाना होने से पहले मौसम की जानकारी जरूर प्राप्त करें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। एक ओर तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ यात्रा का समापन होगा, वहीं केदारनाथ में कपाट बंद होने से पहले श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है।