image: Pauri Protest After 5-Year-Old Girl Killed in Leopard Attack

गढ़वाल: गुलदार ने 5 वर्षीय बच्ची को बनाया शिकार, ग्रामीणों ने 5 घंटे किया चक्का जाम; DFO से धक्का-मुक्की

पौड़ी के वजली गांव में गुलदार के हमले में पांच वर्षीय बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों ने पांच घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
Nov 5 2026 6:37PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के वजली गांव में गुलदार के हमले में पांच वर्षीय बच्ची आरुषि की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। बुधवार को खांड्यूसैंण के पास पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संयुक्त मजिस्ट्रेट के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को भी विरोध का सामना करना पड़ा। डीएफओ गढ़वाल के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई के प्रयास का आरोप है, जबकि एसडीओ और वनकर्मियों को करीब तीन घंटे तक एक कमरे में बंधक बनाए जाने की बात सामने आई है।

Pauri Protest After 5-Year-Old Girl Killed in Leopard Attack

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम वजली गांव में गुलदार ने पांच वर्षीय आरुषि पर हमला कर दिया था, जिसमें बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं। बुधवार सुबह करीब आठ बजे विभिन्न गांवों के ग्रामीण खांड्यूसैंण में एकत्र हुए और पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने डीएम और संयुक्त मजिस्ट्रेट के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि गांवों में बच्चों और आम लोगों की जान खतरे में है, लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।

वन मंत्री और प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने वन मंत्री के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलदार के हमलों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों की सुध लेने के लिए जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता विनोद दनोसी ने दावा किया कि इडवालस्यूं पट्टी और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार अब तक 15 लोगों की जान ले चुका है। उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार घटनाओं के बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने गुलदार को तत्काल मारने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और गुलदार को फिफ्थ शेड्यूल से हटाने की मांग उठाई।

डीएफओ के साथ धक्का-मुक्की, एसडीओ और वनकर्मी बनाए गए बंधक

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव को विरोध का सामना करना पड़ा। डीएफओ की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता, मारपीट और धक्का-मुक्की की। हाथापाई की कोशिश के बीच पुलिस और वनकर्मियों ने हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट और वनकर्मियों को भी ग्रामीणों ने एक कमरे में बंद कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, वे करीब तीन घंटे तक बंधक रहे।

डीएम के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण पौड़ी मुख्यालय पहुंचे

दोपहर करीब एक बजे तक जिलाधिकारी के प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीण पौड़ी जिला मुख्यालय पहुंच गए। यहां एजेंसी चौक पर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम साढ़े चार बजे तक चला। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

एक नामजद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव की तहरीर पर पौड़ी कोतवाली पुलिस ने सरकारी कामकाज में बाधा डालने, लोक सेवक के साथ मारपीट और बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने विनोद दनोसी निवासी गडोली को नामजद किया है, जबकि अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। कोतवाली प्रभारी जयपाल नेगी के अनुसार, मामले की जांच एसआई प्रवीण रावत को सौंपी गई है। वहीं, डीएफओ महातिम यादव का जिला अस्पताल पौड़ी में मेडिकल परीक्षण कराया गया।

गुरुवार को डीएम कार्यालय तक रैली निकालेंगे ग्रामीण

बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों ने गुरुवार को पौड़ी मुख्यालय में रैली निकालने का ऐलान किया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, रैली नए बस अड्डे से शुरू होकर डीएम कार्यालय परिसर तक जाएगी। इसके बाद ग्रामीण वहां प्रदर्शन करेंगे। गुलदार के हमले में बच्ची की मौत के बाद अब क्षेत्र में वन्यजीवों से सुरक्षा, प्रशासनिक कार्रवाई और ग्रामीणों के विरोध से जुड़े मुद्दे प्रमुख हो गए हैं।


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