उत्तराखंड पंचायत चुनाव: निर्वाचन के पत्र के बाद पैदा हुई संशय की स्थिति, अधिकारियों ने दूर किया भ्रम
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी गढ़वाल सहायक ने पत्र का हवाला देते हुए पंचायत में ऐसे लोगों के चुनाव नहीं लड़ने की बात सीधे तौर पर लिख दी। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि पहले ही पत्र की गलत ड्राफ्टिंग के कारण इसे रद्द कर दिया गया है..
Jun 29 2025 12:28PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाले हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर उत्तराखंड सरकार की किरकिरी है, कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही। पहले हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर उत्तराखंड सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था, अब राज्य निर्वाचन आयोग का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
Uttarakhand Panchayat Election Letter arose doubt
ये पत्र 27 जून 2025 को राज्य निर्वाचन आयोग निर्वाचन भवन लाडपुर देहरादून से जारी किया गया है। हालांकि पत्र जारी होने के बाद से इस पर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं, कहा जा रहा है कि इसका खंडन भी जारी हुआ है (परंतु खंडन का पत्र किसी के पास नहीं है)। दरअसल पत्र की भाषा अस्पष्ट और कुछ इस तरीके की थी कि जनता में भ्रांति फैल गई। राज्य समीक्षा ने भी जैसा पत्र में लिखा हुआ था, उसी प्रकार से सूचना बनाकर अपने पाठकों तक पहुंचाई, लेकिन कुछ सुधी पाठकों ने जब राज्य समीक्षा से इस बारे में संपर्क किया तो हमने इस खबर की राज्य निर्वाचन आयोग से तस्दीक की, तब सामने आया कि पत्र तो सही है लेकिन जो पत्र में लिखा है उसका "गलत मतलब" निकल गया है। सबसे पहले आप यह पत्र पढ़िए..
राज्य निर्वाचन आयोग
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राज्य समीक्षा द्वारा पत्र की सत्यता जानने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखंड के दूरभाष नंबर 01352662253 पर जब संपर्क किया गया तो पता चला कि यह पत्र जारी तो हुआ है। अब पत्र की भाषा पर आते हैं.. जैसा कि आप भी पढ़ पा रहे होंगे पत्र में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में लिखी गई बातों को पहले पैराग्राफ में लिखा गया है.. उसके बाद उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रेषित पत्र की छाया प्रति संलग्न करते हुए प्रेषित की गई है और यह अनुरोध किया गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सामान्य निर्वाचन के नियमानुसार करवाना सुनिश्चित करें। इससे आम जनता में एक भ्रांति की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि राज्य समीक्षा ने जब राज्य निर्वाचन आयोग के डिप्टी कमिश्नर प्रभात कुमार सिंह से फोन पर वार्ता की, तो उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के भेजे पत्र के अनुपालन में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी गढ़वाल का पत्र वायरल हुआ, जिसपर डिस्पैच नंबर भी नहीं है। ये पत्र भी पढ़िए...
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी गढ़वाल
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी टिहरी गढ़वाल ने इस पत्र का हवाला देते हुए पंचायत में ऐसे लोगों के चुनाव नहीं लड़ने की बात सीधे तौर पर लिख दी। हालांकि, सभी अधिकारीयों ने यह स्पष्ट किया कि पहले ही पत्र की गलत ड्राफ्टिंग की जानकारी होने पर इसे भी रद्द कर दिया गया है। पत्र के संबंध में राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के ऑफिस में हुई वार्ता में बताया गया कि ऐसा कोई भी आदेश उनके संज्ञान में नहीं है। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के ऑफिस से भी कहा गया है कि आधिकारिक रूप से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं हुआ है और यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यह वायरल पत्र गलत है।