उत्तराखंड का कैडेट श्रीलंका-सिंगापुर के बीच समुद्र में लापता, जहाज से पानी में गिरने की आशंका
कंपनी का कहना है कि कैडेट करणदीप सिंह राणा का दुखद निधन हो गया है, जब जहाज फ्रंट प्रिंसेस श्रीलंका और सिंगापुर के बीच समुद्री मार्ग पर था, तभी वह जहाज से पानी में गिर गए..
Oct 4 2025 8:37PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के रहने वाले 22 वर्षीय सीनियर डेक कैडेट करणदीप सिंह राणा इराक से चीन जा रहे एक मर्चेंट नेवी जहाज से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। यह घटना 20 सितंबर की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, करणदीप से आखिरी बार उसी दिन सुबह बातचीत हुई थी।
Merchant Navy cadet goes missing
देहरादून के निवासी 22 वर्षीय सीनियर डेक कैडेट करणदीप सिंह राणा के पिता नरेंद्र राणा ने बताया कि बीते 20 सितंबर की सुबह बेटे से उनकी आखिरी बार बात हुई थी। उसी दिन कुछ घंटे बाद उन्हें Executive Ship Management Pvt Ltd नामक शिपिंग कंपनी से फ़ोन आया। उन्होंने बताया कि उनका जहाज इराक से रवाना हुआ था और फिर श्रीलंका व सिंगापुर के रास्ते चीन की ओर बढ़ रहा था। कंपनी ने कहा कि करणदीप संभवतः श्रीलंका और सिंगापुर के बीच के मार्ग में कहीं लापता हो गया है।
परिजनों ने सीएम-पीएम से लगाई गुहार
करणदीप सिंह के पिता का कहना है कि अब तक हमें यह भी स्पष्ट नहीं बताया गया कि उनका बेटा जहाज से गिरा या किसी और परिस्थिति में गायब हुए। संभव है कि वह अभी भी जहाज पर ही हों, पर हमारे पास कोई ठोस जानकारी नहीं है”। करणदीप के परिजनों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इसके साथ ही करणदीप का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर भी एक औपचारिक अनुरोध दर्ज कराया गया है।
कंपनी ने जारी किया आधिकारिक बयान
इस बीच, एग्जीक्यूटिव शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने घटना की पुष्टि करते हुए एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है। जिसमें कंपनी ने कहा है कि हमें अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि कैडेट करणदीप सिंह राणा का दुखद निधन हो गया है। ऐसा अनुमान है कि 20 सितंबर की शाम को, जब जहाज फ्रंट प्रिंसेस श्रीलंका और सिंगापुर के बीच समुद्री मार्ग पर था, तभी वह जहाज से पानी में गिर गए।” करणदीप की तलाश के लिए 96 घंटे (लगभग चार दिन) तक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस अभियान में जहाज के चालक दल के साथ-साथ श्रीलंकाई रक्षा बलों के हेलीकॉप्टर और अन्य पोत भी शामिल थे। गहन जाँच करने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
चीन पहुँचने के बाद होगी विस्तृत जांच
कंपनी ने कहा कि इस समय उनकी संवेदनाएँ करणदीप के परिवार और जहाज के साथियों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी से परिवार को और पीड़ा हो सकती है, इसलिए जांच पूरी होने तक अटकलों से बचना जरूरी है। जहाज के चीन पहुँचने के बाद घटना की विस्तृत जांच की जाएगी।