image: Postage stamp on 100th birth anniversary of Gaura Devi

उत्तराखंड: प्रकृति की बेटी गौरा देवी की 100वीं जयंती पर डाक टिकट जारी, भारत रत्न दिए जाने की मांग

गौरा देवी का संघर्ष जितना महत्वपूर्ण था, उतना सम्मान कभी नहीं मिल पाया। गौरा देवी द्वारा शुरू किया गया चिपको आंदोलन आज तक पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए मिसाल है। सौवीं वर्षगांठ पर उन्हें भारतरत्न देने की मांग उठी है..
Oct 27 2025 12:46PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

गौरा देवी की जन्म शताब्दी पर चमोली के रैणी में उत्सव का माहौल है। प्रकृति की बहादुर बेटी गौरा देवी के पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए कामों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। डाक विभाग की ओर से गौरा देवी पर डाक टिकट जारी किया गया है।

Postage stamp on 100th birth anniversary of Gaura Devi

चिपको आन्दोलन की जननी गौरा देवी पर डाक विभाग की ओर से गौरा देवी के पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए, डाक टिकट जारी किया गया है। इस डाक टिकट का अनावरण और विमोचन गौरा देवी की कर्मभूमि चमोली के रैणी गांव में उनकी जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में किया गया। यह कार्यक्रम नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक लखपत बुटोला सहित कई गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

गौरा देवी को भारतरत्न देने की मांग

विधायक लखपत बुटोला ने गौरा देवी को भारत रत्न दिए जाने की बात कही। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने गौरा देवी को भारत रत्न दिए जाने की लोगों की मांग को भारत सरकार तक पहुंचाने का वादा किया। लखपत बुटोला ने कहा कि गौरा देवी का संघर्ष जितना महत्वपूर्ण था, उतना उन्हें सम्मान कभी नहीं मिल पाया। गौरा देवी द्वारा शुरू किया गया चिपको आंदोलन आज तक पूरी दुनिया में पर्यावरण संरक्षण के लिए मिसाल है। परंतु गौरा देवी और उनका गांव रैणी आज तक उपेक्षित है। गांव की ठीक नीचे भूस्खलन से गांव के अस्तित्व पर सवालिया निशान है। इस बार की भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने हालात और अधिक खराब किए हैं। उत्तराखंड सरकार को निश्चित तौर पर जल्द से जल्द इस पर कोई ठोस एक्शन लेना बेहद ही जरूरी है।


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