उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ से चकराता तक बर्फबारी.. पहाड़ों पर लौटे खूबसूरत नजारे
उत्तराखंड में मौसम बदलते ही ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे पहाड़ सफेद चादर में ढक गए हैं। बर्फबारी से ठंड बढ़ी है, लेकिन पर्यटन स्थलों पर रौनक लौटी है और किसानों को भी राहत की उम्मीद जगी है।
Jan 23 2026 11:53AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। जैसे ही पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हुई, ऊंचाई वाले इलाकों में सफेद चादर बिछ गई और शानदार नजारे सामने आने लगे। उत्तराखंड के केदारनाथ, तुंगनाथ, चकराता से लेकर गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा तक बर्फ गिरने से ठंड में इजाफा हुआ है। वहीं, लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी होते ही पर्यटन स्थलों पर उत्साह और रौनक लौटती दिखाई दे रही है।
Snowfall occurred in the mountains of Uttarakhand
शुक्रवार को प्रदेश में मौसम बदलते ही चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई सहित आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद परत से ढक गई हैं। बर्फबारी के बाद पूरा इलाका बेहद आकर्षक नजर आने लगा है और पहाड़ों का दृश्य किसी पोस्टकार्ड जैसा लग रहा है। चकराता पहुंचे पर्यटकों में बर्फबारी शुरू होते ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बर्फ के बीच सैलानी नाचते-झूमते और तस्वीरें लेते नजर आए। लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि यह बर्फबारी आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
मुखबा और धराली में बर्फबारी
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उत्तरकाशी जनपद में भी मौसम ने अचानक रुख बदला है। गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा सहित आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो गई है। इससे पूरे इलाके में ठंड का असर तेज हो गया है और पहाड़ी गांवों में तापमान तेजी से गिरा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मसूरी-धनौल्टी में हल्की बर्फबारी
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राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल मसूरी, धनौल्टी और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी और ठंड बढ़ने से मौसम पूरी तरह सर्द हो गया है। पर्यटकों के लिए यह मौसम रोमांचक बन गया है, वहीं स्थानीय कारोबारियों को भी इससे अच्छी उम्मीद नजर आ रही है। निचले इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना अभी भी बनी हुई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में मौसम और अधिक ठंडा रहने के आसार हैं।
पर्यटन और खेती के लिए राहत
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सीजन की पहली बर्फबारी ने भले ही ठंड बढ़ा दी हो, लेकिन यह पर्यटन कारोबारियों, सैलानियों और किसानों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से मौसम शुष्क रहने के कारण दिक्कतें बढ़ रही थीं, ऐसे में बारिश-बर्फबारी से खेतों में नमी और जलस्रोतों को फायदा मिलेगा। इस बार सीजन की पहली बर्फबारी बसंत के आगमन के साथ शुरू हुई है। लंबे समय से बर्फ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत है। स्थानीय लोगों का मानना है कि बर्फबारी से पहाड़ों में पानी के स्रोत रीचार्ज होंगे और गर्मियों में पानी की कमी का असर कम हो सकता है।