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उत्तराखंड जनगणना 2026: तीन चरणों में होगी गणना, प्रशासन ने शुरू की तैयारी.. राज्य की सीमाएं सील

उत्तराखंड में जनगणना 2026-27 के लिए प्रशासनिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। तीन चरणों में होगी जनगणना, 30 हजार से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिलों और वार्डों की सीमाओं में बदलाव पर अस्थायी रोक।
Feb 15 2026 11:55AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

केंद्र सरकार द्वारा जनगणना की अधिसूचना जारी होते ही उत्तराखंड में प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाओं को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। अब जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी जिले, तहसील, निकाय, पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। यह कदम जनगणना आंकड़ों की शुद्धता और एकरूपता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

Uttarakhand Census 2026 notification issued border sealed

अधिकारियों के अनुसार, जनगणना की शुरुआत मकान सूचीकरण और भवन गणना से होगी, जिससे प्रत्येक परिवार और आवासीय इकाई का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

तीन चरणों में होगी जनगणना

राज्य में जनगणना कार्य को तीन चरणों में संपन्न किया जाएगा:

प्रथम चरण: 25 अप्रैल से 24 मई 2026

इस चरण में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना का कार्य किया जाएगा। प्रत्येक घर, भवन और आवासीय संरचना का डेटा एकत्र किया जाएगा।

द्वितीय चरण: 11 से 30 सितंबर 2026

इस दौरान चिन्हित क्षेत्रों में जनसंख्या से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। परिवार के सदस्यों, आयु, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक आंकड़े दर्ज किए जाएंगे।

तृतीय चरण: 9 से 28 फरवरी 2027

अंतिम चरण में शेष क्षेत्रों में देशव्यापी जनगणना के साथ आंकड़ों का संकलन किया जाएगा।

30 हजार से अधिक कार्मिकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू होगा।
23 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा।
ये मास्टर ट्रेनर 555 कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे।
इसके बाद ये कार्मिक लगभग 4000 पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
फील्ड स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
प्रत्येक बैच में लगभग 40 कर्मचारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डेटा संग्रहण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

सीमाएं स्थिर रखना क्यों जरूरी?

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जनगणना के दौरान जिलों, तहसीलों या वार्डों की सीमाएं बदली जाती हैं, तो आंकड़ों में भ्रम और त्रुटि की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से जनगणना पूरी होने तक नई नगर पालिका, नगर पंचायत या ग्राम क्षेत्र के पुनर्गठन पर रोक लगा दी गई है।

क्या होगा असर?

सीमाएं सील होने का असर प्रशासनिक पुनर्गठन, नए निकाय गठन और क्षेत्रीय पुनर्संरचना पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि सटीक जनगणना आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए बेहद जरूरी हैं।


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