Uttarakhand weather: उत्तराखंड में फिर बदला मौसम, सुबह से बारिश-बर्फबारी; 6 जिलों के लिए अलर्ट जारी
Uttarakhand weather: उत्तराखंड में मौसम विभाग ने बिजली, ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है। केदारनाथ और यमुनोत्री में बर्फबारी जारी है।
Apr 8 2026 10:37PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश, ठंडी हवाएं और बादलों का असर देखने को मिल रहा है। सुबह से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है।
Rain and Storm Alert in Uttarakhand
आमतौर पर अप्रैल के महीने में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। दिन में बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और ज्यादा सख्त बना हुआ है। केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने देहरादून समेत टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में भी खराब मौसम को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कल यानी गुरुवार को भी 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, वो हैं उत्तरकाशी, चमेली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ हैं। आगे पढ़िए..
तापमान में भारी गिरावट
लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 14.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पहाड़ी इलाकों में यह गिरावट और ज्यादा महसूस की जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मुख्य कारण है। यह प्रणाली अरब सागर और भूमध्यसागर से नमी लेकर आती है, जिससे बादल बनते हैं और बारिश होती है। इसके कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पातीं और तापमान में गिरावट आ जाती है।