बदरीनाथ धाम: हर साल बढ़ती गर्मी के साथ खिसक रही बर्फ, कंचन गंगा ग्लेशियर फिर टूटा
उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम के पास कंचन गंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना सामने आई है। प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान...
May 24 2026 12:53PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम के समीप कंचन गंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए हलचल बढ़ गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक ग्लेशियर का हिस्सा खाई क्षेत्र में ही रुक गया और सड़क या आबादी वाले इलाकों तक नहीं पहुंचा।
Kanchan Ganga glacier broke in Chamoli
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार ने बताया कि यह ग्लेशियर हर वर्ष गर्मी बढ़ने के साथ नीचे की ओर खिसकता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी ग्लेशियर नीचे आकर कंचनगंगा क्षेत्र में रुक गया है और इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं बना। विशेषज्ञों के अनुसार ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने पर ग्लेशियरों का पिघलना और खिसकना सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया मानी जाती है।आगे पढ़िए..
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि “यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं।” डीएम ने स्पष्ट किया कि हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात और आम जनजीवन पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने आम लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों की गतिविधियों पर वैज्ञानिकों की नजर बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि वर्तमान घटना सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है।