उत्तराखंड: पुलिस की बड़ी सफलता, 72 घंटे में बच्चा चोरी गैंग का पर्दाफाश.. दो मासूम सकुशल बरामद
हरिद्वार पुलिस ने 72 घंटे के भीतर बच्चा चोरी और तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन साल की बच्ची और दिल्ली से चोरी किए गए एक वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद किया गया।
Jun 10 2026 8:13PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
पुलिस ने 72 घंटे के भीतर बच्चा चोरी के एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कनखल क्षेत्र से अगवा की गई तीन साल की बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। साथ ही गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
Haridwar Police Bust Child Trafficking Gang, Rescue Two Children
जानकारी के अनुसार बीती 6 मई को Kankhal स्थित बैरागी कैंप की झुग्गी बस्ती से तीन साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया गया था। बच्ची को बिस्किट का लालच देकर अपने साथ ले जाया गया था। घटना के बाद Navneet Singh Bhullar के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया और बच्ची की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया गया।
पुलिस ने दिन-रात मेहनत करते हुए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मामला फिरौती का नहीं बल्कि किसी बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने सोशल मीडिया और विभिन्न राज्यों की पुलिस से भी सहयोग लिया, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई।
दिल्ली से जुड़े सुराग ने खोला बड़े गिरोह का राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 4 मई को New Delhi से भी एक वर्षीय बच्चे का अपहरण हुआ था। जब दिल्ली और हरिद्वार की सीसीटीवी फुटेज का मिलान किया गया तो दोनों मामलों में एक ही गिरोह की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह चोरी किए गए बच्चों को निसंतान दंपतियों को बेचता था। बच्चों की कीमत दो लाख से पांच लाख रुपये तक तय की जाती थी। गिरोह के सदस्यों के बीच जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं। कोई बच्चा चुराता था, कोई उसे दूसरे स्थान तक पहुंचाता था और कुछ सदस्य ग्राहक तलाशकर बच्चों की बिक्री करते थे। आगे पढ़िए..
बच्ची को राजस्थान बेचने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार हरिद्वार से अगवा की गई तीन साल की बच्ची को राजस्थान में बेचने की तैयारी चल रही थी। हालांकि पुलिस ने समय रहते गिरोह का पर्दाफाश कर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से घबराए गिरोह के कुछ सदस्य बच्ची को Anand Vihar Railway Station पर लावारिस छोड़कर फरार हो गए। बाद में आरपीएफ की सूचना पर पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
दिल्ली से चोरी हुआ एक और बच्चा भी बरामद
सख्त पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से करीब डेढ़ साल के एक बच्चे का भी अपहरण किया था। पुलिस ने जानकारी के आधार पर बदायूं से बच्चे कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया। बताया गया कि बच्चे का सौदा करीब डेढ़ लाख रुपये में किया गया था। जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए मामले की जांच अभी जारी है।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद आकिल निवासी अमरोहा (उत्तर प्रदेश), नसीमा, जुल्फेकार निवासी अमरोहा (उत्तर प्रदेश), धर्मेंद्र कुमार निवासी मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश), प्रीति शर्मा तथा शिवा सिंह उर्फ गौरव निवासी बिहार (वर्तमान में हरिद्वार) शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भी तलाश में जुटी हुई है।
SSP Navneet Singh Bhullar ने बताया कि पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार अभियान के कारण दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जा सका। उन्होंने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।