Dehradun Airport: देहरादून एयरपोर्ट पर बनेगी अत्याधुनिक ATC बिल्डिंग, बढ़ेगी उड़ानों की क्षमता और सुरक्षा
देहरादून एयरपोर्ट पर नई अत्याधुनिक ATC बिल्डिंग बनाई जाएगी। आधुनिक सर्विलांस और ऑटोमेशन तकनीक से उड़ानों की सुरक्षा, एयरस्पेस क्षमता और एयर ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा।
Jun 17 2026 7:34PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल देहरादून एयरपोर्ट पर जल्द ही नई अत्याधुनिक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) बिल्डिंग बनेगी। इससे उड़ानों की सुरक्षा और एयर ट्रैफिक प्रबंधन क्षमता में सुधार होगा तथा अधिक विमानों का संचालन सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
State-of-the-art ATC building to be constructed at Dehradun Airport
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार वर्तमान एटीसी भवन के स्थान पर परिसर में ही एक नई और आधुनिक एटीसी बिल्डिंग विकसित की जाएगी। इसमें नवीनतम ऑटोमेशन तकनीक, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और उन्नत एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट उपकरण स्थापित किए जाएंगे। नई तकनीकों की मदद से एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी एक साथ अधिक विमानों की निगरानी और संचालन कर सकेंगे। इससे उड़ानों की सुरक्षा, समयबद्धता और संचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
बढ़ेगी एयरस्पेस और रनवे की क्षमता
नई एटीसी प्रणाली के लागू होने के बाद एयरपोर्ट के एयरस्पेस और रनवे उपयोग क्षमता में भी वृद्धि होगी। आधुनिक सर्विलांस और ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए सीमित एयरस्पेस में भी अधिक विमानों की आवाजाही को सुरक्षित रूप से संचालित किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव और नई उड़ानों की मांग को देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रतिदिन 24 तक उड़ानों का संचालन
वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 22 से 24 वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन होता है। इसके अलावा निजी विमान और हेलिकॉप्टर सेवाओं की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। नई एटीसी बिल्डिंग और उन्नत तकनीक लागू होने के बाद एयरपोर्ट अधिक उड़ानों को संभालने में सक्षम होगा, जिससे भविष्य में नई घरेलू और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिल सकता है। आगे पढ़िए..
वायुसेना के नियंत्रण में है अधिकांश एयरस्पेस
देहरादून एयरपोर्ट के आसपास का बड़ा एयरस्पेस भारतीय वायुसेना के नियंत्रण में है। ऐसे में एयर ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक कुशल बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नई एटीसी प्रणाली एयरपोर्ट और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मददगार साबित हो सकती है।
छोटी हवाई पट्टी से आधुनिक एयरपोर्ट तक का सफर
देहरादून एयरपोर्ट का विकास पिछले दो दशकों में तेजी से हुआ है। 1970 के दशक में यह एक छोटी हवाई पट्टी के रूप में अस्तित्व में आया था, जिसे बाद में विकसित किया गया। साल 2006-07 में इसे आधुनिक एयरपोर्ट का स्वरूप दिया गया, जिसके तहत एटीसी, मौसम विभाग और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया।
400 करोड़ रुपये की लागत से बना नया टर्मिनल
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2010 में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया था। बाद में बढ़ती मांग के कारण करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक और विशाल टर्मिनल भवन तैयार किया गया। साल 2024 से एयरपोर्ट का संचालन इसी नए टर्मिनल से किया जा रहा है। यह टर्मिनल पीक ऑवर में 3,240 यात्रियों को संभालने में सक्षम है, जबकि पुराने टर्मिनल की क्षमता केवल लगभग 150 यात्रियों तक सीमित थी।
उत्तराखंड के हवाई नेटवर्क को मिलेगा बड़ा लाभ
नई एटीसी बिल्डिंग के निर्माण से न केवल देहरादून एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि उत्तराखंड के पूरे हवाई नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर एयर ट्रैफिक नियंत्रण और आधुनिक तकनीक से यात्रियों को सुरक्षित, तेज और सुगम हवाई सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में पर्यटन, निवेश और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।