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उत्तराखंड में भूस्खलन का कहर: यमुनोत्री हाईवे बंद, चमोली में 30 से अधिक वाहन फंसे

उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी के पास बंद हो गया। चमोली के देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे पर मलबा आने से 30 से अधिक वाहन फंस गए हैं।
Jul 6 2026 9:55AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी और चमोली जिलों में कई प्रमुख सड़कें मलबा आने के कारण बंद हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Landslides Disrupt Traffic in Uttarakhand

जनपद उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी के समीप भूस्खलन की वजह से अचानक बंद हो गया। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण कार्य के दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा की जा रही अनियंत्रित कटिंग के कारण बार-बार भूस्खलन हो रहा है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में पर्याप्त सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

यमुनोत्री यात्रा भी हुई प्रभावित

हाईवे बंद होने का असर यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। कई श्रद्धालुओं को घंटों सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही, आपदा प्रभावित स्याना चट्टी कस्बे के आसपास लगातार की जा रही कटिंग को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में बड़े भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। आगे पढ़िए..

चमोली में भी बंद हुआ स्टेट हाईवे

उधर, चमोली जिले के देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे पर गमलीगाड़ क्षेत्र में भारी मलबा आने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। मार्ग बंद होने के कारण देहरादून, हल्द्वानी, गोपेश्वर और अन्य स्थानों की ओर जाने वाले 30 से अधिक वाहन बीच रास्ते में फंस गए। यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर जल्द ही दोनों मार्गों को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा।

लगातार बढ़ रहा भूस्खलन का खतरा

मानसून के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के साथ-साथ अनियोजित कटिंग और निर्माण गतिविधियां भी इस समस्या को गंभीर बना रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।


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