image: Dehradun-Ramnagar Direct Train to Start from July 18

उत्तराखंड: सांसद अनिल बलूनी की बड़ी सौगात, 18 जुलाई से शुरू होगी देहरादून-रामनगर सीधी रेल सेवा

उत्तराखंड में 18 जुलाई से देहरादून और रामनगर के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होगी। सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि शुरुआत में ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलेगी। नई सेवा से पर्यटन और यात्रियों दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
Jul 15 2026 10:11AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। देहरादून और रामनगर के बीच लंबे समय से प्रस्तावित सीधी रेल सेवा 18 जुलाई से शुरू होने जा रही है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह सेवा कुमाऊं और गढ़वाल के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटन को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि रामनगर के लोगों की यह मांग काफी समय से लंबित थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। इस नई रेल सेवा से आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।

Dehradun-Ramnagar Direct Train to Start from July 18

सांसद अनिल बलूनी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि रामनगर, जिसे कार्बेट सिटी के नाम से भी जाना जाता है, वहां तक देहरादून से सीधी ट्रेन चलाने की मांग स्थानीय लोग वर्षों से कर रहे थे। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे सुविधाओं के विस्तार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा उत्तराखंड की रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने को दिया।

पर्यटन और सरकारी कार्यों के लिए मिलेगी बड़ी सुविधा

बलूनी ने कहा कि नई रेल सेवा शुरू होने से रामनगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को देहरादून में सरकारी, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और निजी कार्यों के लिए यात्रा करना पहले से कहीं अधिक आसान होगा। इसके अलावा देशभर से उत्तराखंड आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भी जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक सीधे और सुविधाजनक तरीके से पहुंच सकेंगे, जिससे प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। आगे पढ़िए..

फिलहाल सप्ताह में दो दिन चलेगी ट्रेन

सांसद ने बताया कि शुरुआती चरण में इस रेल सेवा का संचालन प्रयोगात्मक आधार पर सप्ताह में दो दिन किया जाएगा। यदि यात्रियों की संख्या और मांग में बढ़ोतरी होती है तो भविष्य में इस ट्रेन का संचालन सप्ताह में चार या पांच दिन तक किया जा सकता है। उन्होंने रामनगर क्षेत्र की जनता को इस नई सुविधा के लिए बधाई देते हुए कहा कि धनगढ़ी पुल के बाद यह क्षेत्र को मिलने वाली एक और महत्वपूर्ण सौगात है।

सभी आवश्यक वाहनों को मिली अनुमति

सांसद अनिल बलूनी ने एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर अब सभी आवश्यक श्रेणी के वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (CEC) ने न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त "कमर्शियल वाहन" शब्द को लेकर बनी सभी भ्रांतियों को दूर कर दिया है। सीईसी ने सवारी वाहन, सरकारी बस, जीएमओयू बस, स्कूल बस और किसानों के ट्रैक्टर वाहनों के संचालन को स्वीकृति प्रदान की है।

भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन

सांसद ने बताया कि इस विषय को लेकर उन्होंने पहले सीईसी के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश गोयल को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। नई रेल सेवा और सड़क मार्ग पर मिली राहत से उत्तराखंड के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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