Uttarakhand Weather: अगले तीन दिन भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड में 21 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने भूस्खलन, बाढ़ और चारधाम यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
Jul 18 2026 8:36PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 19 जुलाई से 21 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल, झारखंड और ओडिशा क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र तथा सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से उत्तराखंड में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
Heavy Rain Alert in Uttarakhand Till 21 July 2026
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। 20 और 21 जुलाई को भी कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। आगे पढ़िए..
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हो सकती हैं और यातायात बाधित होने की आशंका है।
चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए विशेष सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
भूस्खलन संभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहें।
किसान फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के आवश्यक उपाय करें।
निर्माण कार्यों को मौसम सामान्य होने तक स्थगित रखने पर विचार करें।