Uttarakhand News: सौरभ जोशी फिर सुर्खियों में! PM मोदी की पोस्ट पर किया ऐसा कमेंट कि वायरल हो गया
उत्तराखंड के यूट्यूबर सौरभ जोशी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम पोस्ट पर किया गया कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसी बीच केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।
Jul 27 2026 3:02PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
देश में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में धांधली पर सख्त कार्रवाई की तैयारी के बीच उत्तराखंड के चर्चित यूट्यूबर सौरभ जोशी एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई नया व्लॉग नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम पोस्ट पर किया गया एक मजाकिया कमेंट है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
Saurabh Joshi's Comment on PM Modi's Post Goes Viral
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक लोकसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है।
PM मोदी की पोस्ट पर क्या लिखा सौरभ जोशी ने?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था। इसी वीडियो के कमेंट सेक्शन में हल्द्वानी निवासी यूट्यूबर सौरभ जोशी ने लिखा— "अब से डेली व्लॉग भी आएंगे क्या मोदी जी?"
यह कमेंट कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इसके स्क्रीनशॉट साझा किए जाने लगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कमेंट को 55 हजार से अधिक लाइक्स मिले और हजारों लोगों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में किया गया मजाक बताया, जबकि कुछ लोगों ने इस पर अलग-अलग राय भी व्यक्त की।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं सौरभ जोशी
यह पहला मौका नहीं है जब सौरभ जोशी चर्चा में आए हों। हाल ही में उन्होंने E20 पेट्रोल को लेकर एक वीडियो में अपनी लग्जरी कार के खराब माइलेज का दावा किया था।
इस वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। बाद में वाहन निर्माता कंपनी की प्रतिक्रिया आने के बाद सौरभ जोशी ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।
सरकार ला रही है पेपर लीक पर सख्त कानून
केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक और परीक्षाओं में संगठित धांधली करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
प्रस्तावित प्रमुख प्रावधान
संगठित पेपर लीक मामलों में कम से कम 7 साल की सजा।
दोषियों पर ₹10 करोड़ तक जुर्माना।
जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने का प्रस्ताव।
आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का प्रावधान।
परीक्षा प्रणाली में सुधार पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है। इसी दिशा में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाने की भी घोषणा की गई है। नए कानून का उद्देश्य पेपर लीक जैसे मामलों पर तेजी से कार्रवाई करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।