मसूरी में बारिश का कहर! भट्टा फॉल का जलस्तर अचानक बढ़ा, झरने ने दिखाया रौद्र रूप
मसूरी में मूसलाधार बारिश के बाद भट्टा फॉल का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव और गर्जना के साथ झरने का रौद्र रूप देखने को मिला। भारी बारिश से माल रोड सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ।
Jul 31 2026 9:46PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
पहाड़ों की रानी मसूरी में शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भट्टा फॉल का जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ गया। तेज बहाव और गर्जना के साथ गिरते पानी का रौद्र रूप देखने को मिला। झरने का यह नजारा देखने लायक तो था, लेकिन तेज बहाव के कारण बेहद खतरनाक भी दिखाई दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया।
Mussoorie Bhatta Fall Swells After Heavy Rain
शुक्रवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश का अधिकांश वर्षा जल भट्टा फॉल की ओर बहकर पहुंचा, जिससे झरने में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया। सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पानी गिरने से पूरा इलाका गूंज उठा और झरना अपने उग्र स्वरूप में नजर आया। स्थानीय निवासी आशीष पंवार ने बताया कि लगातार भारी बारिश के दौरान भट्टा फॉल का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसे समय में पर्यटकों को झरने के किनारे जाने या पानी में उतरने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब जलस्तर बढ़ा, उस समय आसपास कोई पर्यटक मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना नहीं हुई। आगे पढ़िए..
मसूरी में बारिश से जनजीवन प्रभावित
सुबह तक साफ मौसम और धूप रहने के बाद दोपहर करीब दो बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया, लेकिन शहर में जनजीवन प्रभावित हो गया। कई नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जबकि कुछ स्थानों पर नालियां बंद होने के कारण पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे पैदल यात्रियों, स्थानीय लोगों, पर्यटकों और स्कूल से लौट रहे छात्रों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
माल रोड बना तालाब, धीमी हुई वाहनों की रफ्तार
भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। मसूरी का प्रसिद्ध माल रोड भी कई जगह पानी से भर गया और तालाब जैसा नजर आया। बाजारों में भी भीड़ कम रही और लोग बारिश थमने का इंतजार करते दिखाई दिए।
पर्यटकों के लिए सलाह
मानसून के दौरान भट्टा फॉल का प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक होता है, लेकिन अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में बारिश के दौरान या उसके तुरंत बाद झरनों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।