देहरादून: लिव-इन में रह रही पोती, दादी को करना चाह रही बेघर.. बुजुर्ग महिला ने DM से लगाई गुहार
देहरादून समाधान दिवस में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने पोती पर मानसिक उत्पीड़न और घर से बेदखल करने की कोशिश का आरोप लगाया। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने महिला सेल को कार्रवाई के निर्देश दिए।
Aug 4 2026 7:19PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की शिकायत ने सभी का ध्यान खींचा। महिला ने अपनी पोती पर मानसिक उत्पीड़न करने और पुश्तैनी मकान से बेदखल करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने महिला सेल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
Elderly Woman Seeks Action Against Granddaughter in Dehradun
बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनके बड़े बेटे का निधन कोविड काल के दौरान हो गया था, जबकि छोटे बेटे की पिछले वर्ष मृत्यु हो गई। इसके बाद वह अपने पुश्तैनी मकान में अकेली रह रही हैं। महिला का आरोप है कि उनकी पोती गलत संगति और नशे की लत की गिरफ्त में है तथा अपने एक पुरुष मित्र के साथ उसी मकान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोती उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है और उन्हें घर से निकालने का प्रयास कर रही है। शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी ने महिला सेल प्रभारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आगे पढ़िए..
समाधान दिवस में आईं 109 शिकायतें
सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल 109 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
संपत्ति विवाद में भी डीएम ने दिए निर्देश
समाधान दिवस में एक अन्य मामले में विधवा भगवान देई ने शिकायत की कि संपत्ति का बराबर बंटवारा होने के बावजूद उनका छोटा पुत्र और बहू बड़े पुत्र के हिस्से की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और सीओ रायपुर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं, कांवली रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपने पुत्र और बहू पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए बड़े पुत्र को अपनी चल और अचल संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। इस प्रकरण में जिलाधिकारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को समय पर न्याय और राहत मिल सके।