चंपावत में महिला ग्राम प्रधान के साथ घिनौनी हरकत, जूतों की माला पहनाने वाले 10 लोगों को 5-5 साल की कैद
Champawat News: बनबसा में पूर्व महिला ग्राम प्रधान को जूतों की माला पहनाकर अपमानित करने के मामले में SC-ST कोर्ट ने 10 दोषियों को 5-5 साल की सजा सुनाई।
Aug 21 2026 5:48PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के चंपावत जिले में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की पूर्व महिला ग्राम प्रधान के साथ जातिसूचक गाली-गलौज, अभद्रता और जूतों की माला पहनाकर अपमानित करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। SC-ST विशेष अदालत ने 5 महिलाओं समेत सभी 10 दोषियों को पांच-पांच साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को कुल 2 लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने का आदेश दिया है।
10 People arrested for Insulting Farmer Woman Village Head
मामला चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र के गुदमी गांव का है। अभियोजन पक्ष के जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी के अनुसार घटना 10 जुलाई 2024 की है। क्षेत्र में बाढ़ और आपदा के बाद प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की जा रही थी। तत्कालीन ग्राम प्रधान को राहत सामग्री के वितरण में सहयोग के लिए मौके पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां पहुंचने से पहले ही कुछ ग्रामीणों के उकसावे पर आरोपितों ने पूर्व ग्राम प्रधान के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता शुरू कर दी। इस दौरान कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बनबसा थाने में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
5 महिलाओं समेत 10 आरोपी दोषी करार
मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायालय (SC-ST कोर्ट) में हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश/जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने 21 अगस्त को सभी 10 आरोपितों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
हेमा खड़ायत (48)
लीला दिगारी (45)
जानकी कलौनी (50)
दिनेश कलौनी (53)
रोहित जेम्स (35)
पिंकी जेम्स उर्फ सारिका (43)
निखिल जेम्स उर्फ अमन (23)
संजीव सिंह (45)
निर्मला दिगारी (47)
संदीप लॉरेंस (54)
सभी आरोपी गुदमी, बनबसा, चंपावत के निवासी बताए गए हैं।
SC-ST एक्ट की धाराओं में सुनाई गई सजा
अदालत ने SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(D) के तहत प्रत्येक दोषी को पांच वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 3(1)(M), 3(1)(R) और 3(1)(S) के तहत प्रत्येक धारा में दो-दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत भी अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पीड़िता को मिलेंगे 2 लाख रुपये
अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में कुल 2 लाख रुपये देने का आदेश भी दिया है। इसमें दोषियों से वसूले जाने वाले जुर्माने में से 1 लाख रुपये पीड़िता के बैंक खाते में दिए जाएंगे। वहीं राज्य सरकार की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के माध्यम से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि प्रदान की जाएगी।अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के साथ कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार और जातिसूचक गाली-गलौज के इस मामले में अदालत का सख्त फैसला सामने आया है। दस दोषियों को कारावास और जुर्माने की सजा के साथ पीड़िता को प्रतिकर राशि दिए जाने के आदेश से मामले में न्यायिक कार्रवाई पूरी हुई है।