उत्तराखंड: महिला ने प्रेम-प्रसंग के चलते की पति की हत्या, अब हुई गिरफ्तार.. 3 साल की मासूम से छिना मां-पिता का साया
Udham Singh Nagar Murder Case: बाजावाला में संजीव कुमार की हत्या के मामले में पत्नी निशा जेल में है। पिता की मौत और मां के जेल जाने के बाद 3 साल की बच्ची की जिम्मेदारी बुआ ने संभाली।
Aug 20 2026 7:33PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उधम सिंह नगर के बाजावाला निवासी संजीव कुमार की हत्या के मामले ने पूरे परिवार को बिखेर दिया है। पुलिस जांच के मुताबिक, संजीव की पत्नी निशा ने पांच साल पहले परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर उनसे प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों की जिंदगी ठीक चल रही थी, लेकिन बाद में पति की दुकान पर काम करने वाले एक किशोर के साथ कथित प्रेम संबंध के चलते मामला हत्या की साजिश तक पहुंच गया।
Wife Jailed for Husband’s Murder, 3-Year-Old Daughter Left Alone
बताया गया कि निशा ने करीब पांच साल पहले घरवालों की मर्जी के खिलाफ संजीव कुमार से प्रेम विवाह किया था। शादी के शुरुआती दिनों में दोनों का दांपत्य जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। हालांकि, बाद में निशा की नजदीकियां उसके पति की दुकान पर काम करने वाले एक किशोर से बढ़ गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेम-प्रसंग के चलते संजीव की हत्या की साजिश रची गई।
पति की हत्या के बाद जेल पहुंची निशा
पुलिस के अनुसार, संजीव की हत्या की वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उसकी पत्नी निशा और दो किशोरों को हिरासत में लिया। अदालत के आदेश के बाद दोनों नाबालिगों को सुधार गृह भेज दिया गया, जबकि निशा को जेल भेज दिया गया है।
पति की मौत और मां के जेल जाने से अकेली हुई मासूम
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा असर संजीव और निशा की तीन वर्षीय बेटी पर पड़ा है। पिता की हत्या हो गई और मां जेल में है। आगे पढ़िए..
ऐसे में मासूम बच्ची अपने माता-पिता दोनों के स्नेह से वंचित हो गई है। संजीव के माता-पिता भी पहले ही गुजर चुके हैं। वहीं निशा के मायके से भी फिलहाल कोई सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि परिवार की इच्छा के खिलाफ विवाह करने के बाद मायके से उसका संबंध लगभग टूट गया था।
छोटी बुआ ने संभाली तीन साल की बच्ची की जिम्मेदारी
अब मासूम की देखभाल की जिम्मेदारी उसकी छोटी बुआ आरती ने उठाई है। स्वजन के अनुसार, आरती अपनी तीन वर्षीय भतीजी का पालन-पोषण करने के लिए आगे आई है। परिवार के अन्य सदस्य और गांव के लोग भी इस मुश्किल समय में बच्ची के साथ खड़े हैं। संजीव के ताऊ का परिवार भी बच्ची की मदद कर रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संजीव की हत्या के बाद परिवार पहले ही गहरे सदमे में है। अब उनकी तीन साल की बेटी का भविष्य भी परिवार के लिए बड़ी चिंता बन गया है। एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ मां के जेल जाने से मासूम के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। फिलहाल बुआ आरती बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
पुलिस जांच में सामने आई थी साजिश
पुलिस की जांच में हत्या को कथित तौर पर योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने मामले में पत्नी निशा समेत दो किशोरों को हिरासत में लिया था। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत में चल रही है। वहीं इस घटना ने एक परिवार की पूरी जिंदगी बदलकर रख दी है और तीन साल की मासूम सबसे बड़ी त्रासदी झेल रही है।