उत्तराखंड परिवहन निगम में वेतन संकट, 5800 कर्मियों का वेतन अटका.. सोमवार तक 85% भुगतान का दावा
Uttarakhand Roadways News: परिवहन निगम के 5800 कर्मचारियों का जून-जुलाई का वेतन लंबित है। 5 करोड़ जारी हुए, जबकि 21 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं। सोमवार तक 85% कर्मियों को भुगतान का दावा।
Aug 22 2026 5:29PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निगम में करीब 5800 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनका जून और जुलाई का वेतन लंबित है। अगस्त भी समाप्त होने वाला है, लेकिन अभी तक सभी कर्मचारियों को भुगतान नहीं हो पाया है। प्रबंधन ने अब चरणबद्ध तरीके से वेतन जारी करना शुरू कर दिया है।
Uttarakhand Roadways Employees Await Pending Salaries
परिवहन निगम की ओर से पिछले तीन दिनों में करीब 5 करोड़ रुपये का वेतन जारी किया गया है। हालांकि, कर्मचारियों का कुल करीब 21 करोड़ रुपये का वेतन अभी भी लंबित बताया जा रहा है। निगम प्रबंधन का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है। पहले विशेष-संविदा और एजेंसी श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन जारी किया जा रहा है। इसके बाद नियमित कर्मचारियों को भुगतान किया जाएगा।
सोमवार तक 85 फीसदी कर्मचारियों को मिलेगा वेतन
परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि पहले चरण में विशेष-संविदा और एजेंसी श्रेणी के कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। प्रबंधन के अनुसार, सोमवार तक करीब 85 प्रतिशत कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद नियमित कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया जाएगा।
परिवहन निगम में 5800 कर्मचारी
उत्तराखंड परिवहन निगम में करीब 5800 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें लगभग 4,000 कर्मचारी एजेंसी और विशेष-संविदा श्रेणी के हैं, जबकि करीब 1,800 नियमित कर्मचारी हैं। इन कर्मचारियों को जून और जुलाई का वेतन नहीं मिला है। वहीं अगस्त का महीना भी खत्म होने वाला है। लगातार वेतन लंबित होने के कारण कर्मचारियों के सामने घर का खर्च चलाने और अन्य आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
कर्मचारी यूनियन ने जल्द वेतन देने की मांग की
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने बताया कि एजेंसी कर्मचारियों का करीब तीन महीने और अन्य श्रेणी के कर्मचारियों का दो महीने का वेतन लंबित है। उन्होंने निगम प्रबंधन से कर्मचारियों को जल्द से जल्द पूरा वेतन जारी करने की मांग की, ताकि लंबे समय से आर्थिक परेशानी झेल रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
निशुल्क यात्रा की प्रतिपूर्ति की राशि भी अटकी
परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति पर निशुल्क यात्रा की प्रतिपूर्ति में देरी का भी असर पड़ रहा है। निगम की ओर से वरिष्ठ नागरिकों, छात्राओं और अन्य पात्र यात्रियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। इस सुविधा के बदले शासन से मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में से मई और जून की करीब 4.5 करोड़ रुपये की राशि से संबंधित अभिलेख शासन को भेजे जा चुके हैं। हालांकि, अभी तक यह राशि निगम को जारी नहीं हो सकी है।