दून मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग का मामला, 6 महीने से मानसिक पीड़ा झेल रहा जूनियर PG डॉक्टर
Doon Medical College Ragging: दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर PG डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टरों पर रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। NMC में शिकायत के बाद जांच शुरू।
Aug 22 2026 7:08PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आया है। इस बार जूनियर पीजी डॉक्टर ने सीनियर डॉक्टरों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और बार-बार नीचा दिखाने का आरोप लगाया है। पीड़ित डॉक्टर ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी है।
Ragging Case Reported at Doon Medical College
पीड़ित जूनियर पीजी डॉक्टर का कहना है कि वह पिछले करीब छह महीने से मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। भावुक होते हुए डॉक्टर ने बताया कि अब उनका पढ़ाई में भी मन नहीं लगता। डॉक्टर के अनुसार, उन्होंने करीब साढ़े पांच वर्ष का एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद फरवरी 2026 में दून मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई के लिए प्रवेश लिया था। शुरुआत में करीब एक महीने तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन मार्च से सीनियर की ओर से अलग-अलग बातों को लेकर उन्हें कथित तौर पर नीचा दिखाया जाने लगा।
एमबीबीएस छात्रों के सामने दुर्व्यवहार का आरोप
पीड़ित डॉक्टर का आरोप है कि कई बार सीनियर ने एमबीबीएस छात्रों के सामने ही उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इससे उन्हें अपने जूनियर छात्रों के सामने जाने में भी शर्मिंदगी महसूस होती है। उनका कहना है कि वह इस बात को लेकर भी परेशान रहते हैं कि जिन छात्रों को उन्हें कक्षा में पढ़ाना है, उनके सामने वह किस तरह जाएंगे।
पढ़ाई में अच्छा करने के बाद बढ़ी रंजिश?
पीड़ित डॉक्टर के मुताबिक, शुरुआत में जब वह पढ़ाई में कमजोर थे और कम अंक आते थे, तब उनके साथियों को कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन जब उन्होंने पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करना शुरू किया तो कथित तौर पर उनके प्रति रंजिश बढ़ गई। डॉक्टर ने अपने साथ हुई घटनाओं की शिकायत एनाटॉमी विभाग की विभागाध्यक्ष से भी की थी। आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और इसके बावजूद सीनियर की ओर से उन्हें बार-बार नीचा दिखाया जाता रहा। पीड़ित ने अपने परिवार को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। उनका कहना है कि इस स्थिति का असर उनकी मां की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा है।
NMC में की शिकायत, एंटी रैगिंग कमेटी करेगी जांच
मामला सामने आने के बाद पीड़ित डॉक्टर ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। आगे पढ़िए..
वहीं दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी है। अब कमेटी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
सीनियर PG डॉक्टरों पर आरोप, इसलिए और गंभीर मामला
इस बार का मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोप पीजी के सीनियर डॉक्टरों पर लगे हैं। ये डॉक्टर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ काम करने के अलावा एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और क्लीनिकल प्रशिक्षण में भी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि जांच में रैगिंग के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कॉलेज के अनुशासन और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले
2019: जूनियर छात्रों ने सीनियरों पर परेशान करने का आरोप लगाया था। कॉलेज ने छह छात्रों पर कार्रवाई की थी।
2021: एक जूनियर छात्र ने शिकायत की थी कि सीनियर उसे गर्दन झुकाकर चलने के लिए कहते हैं।
2023: सीनियर छात्रों पर जूनियर की पिटाई का आरोप लगा था। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद आठ छात्रों पर कार्रवाई हुई।
जनवरी 2026: जूनियर को बेल्ट और चप्पलों से पीटने तथा जबरन बाल कटवाने के आरोप सामने आए थे।
अप्रैल 2026: सीनियर छात्रों पर जूनियर के बाल और दाढ़ी कटवाने का दबाव बनाने का आरोप लगा था।
इन घटनाओं के बाद एक बार फिर दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।