चमोली: 12 दिन बाद मिला लापता BRO हवलदार का शव, तमक आपदा में हुई थी गुमशुदगी
Chamoli News: तमक नाले में 10 अगस्त को आपदा के दौरान लापता हुए BRO हवलदार पंकज सिंह का शव 12 दिन बाद धौलीगंगा भलागांव के पास मिला। हादसे की मजिस्ट्रियल जांच होगी।
Aug 22 2026 10:26PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र में तपोवन के समीप तमक नाले में 10 अगस्त को आई आपदा के दौरान लापता हुए बीआरओ हवलदार पंकज सिंह का शव 12 दिन बाद बरामद कर लिया गया है। गढ़वाल स्काउट आर्मी रेस्क्यू दल ने खोजबीन के दौरान धौलीगंगा के भलागांव के पास से जवान का शव बरामद किया। शव मिलने के साथ ही तमक क्षेत्र में चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है।
BRO Jawan’s Body Recovered After 12 Days in Chamoli
जानकारी के अनुसार, 10 अगस्त को नीती घाटी के तमक क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण तमक नाले में अचानक अत्यधिक पानी और मलबा आ गया था। तेज बहाव की चपेट में आने से पुल और मार्ग प्रभावित हुए थे। इसी दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) का जवान पंकज सिंह लापता हो गया था। घटना के बाद से ही सेना और रेस्क्यू टीमों की ओर से लगातार जवान की तलाश की जा रही थी।
12 दिन बाद धौलीगंगा के पास मिला शव
गढ़वाल स्काउट आर्मी रेस्क्यू दल ने लगातार खोजबीन के बाद लापता हवलदार पंकज सिंह का शव धौलीगंगा भलागांव के पास बरामद किया। शव मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान को समाप्त कर दिया गया है। जवान का शव मिलने की सूचना के बाद संबंधित विभाग और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
अतिवृष्टि में तीन वाहन भी हुए थे प्रभावित
तहसीलदार ज्योतिर्मठ की रिपोर्ट के अनुसार, तमक नाले में अतिवृष्टि के कारण भारी मात्रा में पानी और मलबा आया था। इसके चलते नाले पर बना पुल और सड़क भी प्रभावित हुई और आवागमन बाधित हो गया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाले में आए तेज बहाव की चपेट में राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर तीन वाहन प्रभावित हुए थे। इनमें सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई के दो वाहन शामिल थे। इसके अलावा एक पिकअप और लोडर वाहन भी नाले के तेज बहाव में बह गया।
घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। परगना मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी को घटना की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट
मजिस्ट्रियल जांच में आपदा के दौरान हुई दुर्घटना के कारणों, पूरे घटनाक्रम, प्रभावित वाहनों और लापता बीआरओ जवान से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों और सुझावों को भी जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी को 15 दिन के भीतर जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।