Weather Update: उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश के आसार, इन 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी
Uttarakhand Weather: आज प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है। पांच जिलों में Yellow Alert जारी है। रविवार से मानसून फिर जोर पकड़ सकता है, सोमवार-मंगलवार भारी बारिश के आसार हैं।
Aug 29 2026 9:09AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का दौर जारी है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में फिलहाल भारी वर्षा कुछ थमी है, लेकिन कई क्षेत्रों में रुक-रुककर मध्यम और तेज बौछारें पड़ रही हैं। शुक्रवार को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहे। देहरादून और हरिद्वार में कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई। देहरादून में दिनभर बादल छाए रहे और तेज बौछारों के दो दौर देखने को मिले।
Uttarakhand Weather Update 29 August 2026
मौसम विभाग के अनुसार आज शनिवार 29 अगस्त को उत्तराखंड के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। वहीं, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर Yellow Alert जारी किया गया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं।
रविवार से फिर जोर पकड़ेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार के बाद रविवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिर बढ़ सकती है। खासकर कुमाऊं मंडल में भारी बारिश का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान पहाड़ी जिलों में तेज बारिश होने से संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की आशंका बढ़ सकती है।
सोमवार-मंगलवार पूरे प्रदेश में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह की शुरुआत को लेकर भी चेतावनी जारी की है। सोमवार और मंगलवार को उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से संवेदनशील सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। भूस्खलन वाले क्षेत्रों में मलबा आने और यातायात बाधित होने का खतरा भी बना रहेगा।
यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भूस्खलन संभावित स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए और यात्रा से पहले मौसम व सड़क की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभागों को भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।