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Uttarakhand News: कार्रवाई से पहले 51 मदरसों में प्रबंधन ने खुद लगाए ताले, उत्तराखंड में अवैध संस्थानों पर बढ़ी सख्ती

उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर कार्रवाई तेज हो गई है। अब तक 10 मदरसे सील किए गए हैं, जबकि 161 मदरसों के संचालन की जांच और कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
Sep 3 2026 9:33AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

मदरसा शिक्षा बोर्ड समाप्त होने और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद प्रदेश में संचालित मदरसों की जांच और कार्रवाई तेज हो गई है। प्राधिकरण ने उन मदरसों का रिकॉर्ड तलब किया है, जिन्होंने नए नियमों के तहत पंजीकरण नहीं कराया है। अधिकारियों के अनुसार, अब बिना मान्यता और पंजीकरण के संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Action Against Illegal Madrasas Intensifies in Uttarakhand

जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 452 मदरसे मदरसा बोर्ड से पंजीकृत थे। इनमें 52 वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के मदरसे और 400 जूनियर हाईस्कूल स्तर के मदरसे शामिल थे। मदरसा बोर्ड समाप्त होने के बाद इन संस्थानों के संचालन और नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

51 मदरसों पर प्रबंधन ने खुद लगाए ताले

जांच के दौरान सामने आया कि 51 मदरसों को उनके प्रबंधन ने स्वयं बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई से बचने के लिए कुछ संस्थानों के प्रबंधन ने यह कदम उठाया। हालांकि, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण इन मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड भी तलब करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों को अन्य मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों या स्कूलों में प्रवेश मिला है या नहीं।

161 मदरसे अभी भी किसी न किसी रूप में संचालित

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में अब भी 161 मदरसे किसी न किसी रूप में संचालित होने की बात सामने आई है। इन संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा चुकी है। सरकार और शिक्षा विभाग अब इनके पंजीकरण, मान्यता और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेंगे।

200 मदरसों ने Invest Portal पर कराया पंजीकरण

प्रदेश के जूनियर और सीनियर वर्ग के करीब 200 मदरसों ने Invest Portal पर पंजीकरण कराया है। इन संस्थानों के विवरण और दस्तावेजों की जांच शिक्षा विभाग कर रहा है। विभाग के अनुसार, निर्धारित 22 नियमों और मानकों का पालन करने वाले संस्थानों को ही अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान की मान्यता दी जाएगी।

10 अवैध मदरसे सील, तीन को नोटिस

शिक्षा विभाग, जिला समाज कल्याण विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार तक प्रदेशभर में 10 अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील किया जा चुका है। इसके अलावा तीन संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला प्रशासन के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

35 संस्थानों को मिली अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान की मान्यता

प्रदेश सरकार अब तक 35 मदरसों और अन्य समुदायों के शिक्षण संस्थानों को अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान की मान्यता दे चुकी है। जानकारी के अनुसार, एक जुलाई को नौ संस्थानों और बुधवार को 26 संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन संस्थानों को प्रमाण पत्र सौंपे।

'किसी संस्थान को जबरन बंद करने का इरादा नहीं'

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि सरकार का किसी भी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान को जबरन बंद करने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद पुराने ढांचे के तहत संचालित मदरसों को नई व्यवस्था के अनुसार मान्यता और नियमों का पालन करना होगा। उनके अनुसार, जो संस्थान आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूलों में शिफ्ट करने की व्यवस्था की जाएगी।


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