देहरादून शूटआउट पर CM धामी का बड़ा एक्शन! कुठालगेट चौकी इंचार्ज और सब एक्साइज इंस्पेक्टर सस्पेंड
राजपुर थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी और रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के बाद CM पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा एक्शन लिया। दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरे प्रदेश में सख्त चेकिंग अभियान के आदेश दिए गए।
Mar 31 2026 8:13PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज गोलीबारी ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना में मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई की और संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
CM Pushkar Singh Dhami Takes Strict Action After Retired Brigadier’s Murder
यह पूरी घटना 30 मार्च की सुबह जोहड़ी गांव में हुई, जहां एक नाइट क्लब में बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा। पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट और देखते ही देखते मामला फायरिंग तक पहुंच गया। बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने क्लब से जुड़े लोगों की फॉर्च्यूनर कार पर गोलियां चला दीं। इसी दौरान पास से गुजर रहे ब्रिगेडियर मुकेश जोशी इस गोलीबारी की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुली सच्चाई
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिससे पूरी वारदात का क्रम साफ नजर आ रहा है। फुटेज के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पक्ष के तीन और दूसरे पक्ष के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अभी भी चार आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल अधिकतर आरोपी छात्र हैं, जो इस घटना को और भी चिंताजनक बनाता है।
CM धामी का सख्त एक्शन और निर्देश
घटना के बाद मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने गहरी नाराजगी जताते हुए क्षेत्र-3 मसूरी के उप आबकारी निरीक्षक सोबन सिंह और कुठालगेट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि राज्य में कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे उत्तराखंड में तत्काल प्रभाव से सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि रोड रेज, फायरिंग और देर रात तक चलने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। साथ ही, हुड़दंग और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
देर रात तक खुला था क्लब, उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित नाइट क्लब रात 2:30 बजे तक खुला था, जहां बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। इससे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह मुद्दा अब चर्चा का केंद्र बन गया है।
राजपुर गोलीकांड ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री के सख्त एक्शन से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर आम जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगी। आने वाले समय में ऐसे मामलों पर और भी सख्ती देखने को मिल सकती है।