Weather Update: उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले बदलेगा मौसम, इन 8 जिलों में बारिश के आसार
मानसून की विदाई से पहले उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत हैं। 21 से 26 सितंबर तक आठ पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ हल्की बारिश का अनुमान है।
Sep 21 2026 10:00AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में मानसून की विदाई का समय नजदीक आ रहा है, लेकिन इससे पहले पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 से 26 सितंबर के बीच राज्य के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
Uttarakhand Weather Update 21 September 2026
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में पर्वतीय जिलों के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर बादल छाने के साथ गरज-चमक हो सकती है और हल्की बारिश भी हो सकती है। 21 से 26 सितंबर तक आठ पर्वतीय जिलों चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार हैं। हालांकि, मौजूदा पूर्वानुमान में ज्यादातर स्थानों पर व्यापक या भारी बारिश के बजाय स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है। आईएमडी के जिला-स्तरीय पूर्वानुमान में भी 26 सितंबर को चमोली में एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है। वहीं बागेश्वर में 24 और 25 सितंबर को हल्की बारिश/गरज-चमक तथा 26 सितंबर को मध्यम बारिश या गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई है। पिथौरागढ़ में भी 23 से 26 सितंबर के बीच बादल और बारिश-गरज की संभावना बनी हुई है।
मैदानी इलाकों में धूप के बीच बढ़ा तापमान
बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है। दिन के समय धूप निकलने के कारण मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ रहा है, जबकि पर्वतीय इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। आगे पढ़िए..
आईएमडी के 20 सितंबर के पूर्वानुमान में देहरादून में 21 से 25 सितंबर तक मुख्यतः साफ मौसम रहने और दोपहर या शाम के समय आंशिक रूप से बादल छाने की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मानसून की विदाई की तैयारी
उत्तराखंड से मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी अब नजदीक है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक राज्य में मानसून की वापसी 25 सितंबर के बाद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आईएमडी के अनुसार मानसून की आधिकारिक वापसी केवल तारीख के आधार पर तय नहीं होती। इसके लिए बारिश की गतिविधि में लगातार कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक स्थिति और नमी में पर्याप्त कमी जैसे मौसम संबंधी मानकों को देखा जाता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह
बारिश और गरज-चमक की संभावना को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी जाती है। खासकर ट्रेकिंग रूट और दुर्गम इलाकों में मौसम अचानक बदलने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा। फिलहाल राज्य में भारी बारिश का कोई व्यापक अलर्ट सामने नहीं है, लेकिन अलग-अलग पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों में यह गतिविधि मुख्य रूप से सीमित और स्थानीय रहने के संकेत हैं।