रुद्रप्रयाग: केदार-बदरी को जोड़ने वाले पुल का CM धामी ने किया निरीक्षण, 1km लंबी सुरंग भी तैयार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल और सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया। ट्रायल के आधार पर शुरू हुए इस मार्ग से केदारनाथ-बदरीनाथ यात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार के जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
Oct 26 2026 6:14PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग में चारधाम सड़क परियोजना के तहत तैयार पुल और सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया। करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना पर फिलहाल ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही परियोजना का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
CM Dhami Inspects New Bridge and Tunnel Project in Rudraprayag
इस परियोजना के शुरू होने से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे शहर में यातायात का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल, 900 मीटर से अधिक की सुरंग
परियोजना के तहत अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल और 900.30 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है। संपर्क मार्ग को मिलाकर इसकी कुल लंबाई करीब 1.18 किलोमीटर है। यह मार्ग केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07) से सीधे जोड़ेगा। नियमित यातायात शुरू होने के बाद तीर्थयात्रियों को रुद्रप्रयाग शहर के भीतर से गुजरने की आवश्यकता कम होगी।
चारधाम यात्रियों को जाम से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क संपर्क से तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क मजबूत होने से पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है। पुल और सुरंग मार्ग से रुद्रप्रयाग बाजार में वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। आगे पढ़िए..
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे ढलान सुरक्षा और स्थिरीकरण कार्यों की जानकारी भी ली। इन कार्यों का उद्देश्य भूस्खलन के खतरे को कम करना और यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए ऐसे कार्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगम लाइब्रेरी पहुंचे मुख्यमंत्री, 150 पुस्तकें कीं दान
सड़क परियोजना के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री धामी ने जिला प्रशासन की ओर से संचालित ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान के तहत संगम लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की पहल की सराहना की और अभियान में 150 पुस्तकें दान कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान बढ़ाने और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पुस्तक दान जैसे अभियान उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं, जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री की जरूरत होती है।
संगम लाइब्रेरी को मिलीं 2500 से अधिक पुस्तकें
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत संगम लाइब्रेरी को अब तक 2500 से अधिक पुस्तकें मिल चुकी हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान, साहित्य और अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकें शामिल हैं। अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने भी सहयोग दिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि दान में मिली पुस्तकें विद्यार्थियों और अन्य पाठकों के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मदद मिल रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से पुस्तकालयों को अध्ययन और ज्ञानवर्धन के केंद्र के रूप में विकसित करना है।