उत्तराखंड: 2 नाबालिग छात्राओं का अपहरण और दुष्कर्म, 20 साल जेल में सड़ेगा दरिंदा इरफान
पिथौरागढ़ में दो नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की सजा, दोनों पीड़िताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश।
Oct 26 2026 6:36PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
धारचूला में दो नाबालिग छात्राओं के अपहरण और दुष्कर्म मामले में विशेष पोक्सो अदालत ने दोषी इरफान को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने राज्य सरकार को दोनों पीड़िताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
Minor Girls Case: Convict Sentenced to 20 Years in Jail
जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में दो नाबालिग छात्राओं के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने दोषी इरफान पुत्र फिदा हुसैन, निवासी बरेली (उत्तर प्रदेश), को 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने राज्य सरकार को दोनों पीड़िताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक फरवरी 2024 को धारचूला क्षेत्र की दो नाबालिग छात्राएं स्कूल गई थीं, लेकिन वापस घर नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद तीन फरवरी को परिजनों ने धारचूला कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि इरफान और उसका एक किशोर साथी कथित तौर पर छात्राओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए थे। अभियोजन के मुताबिक, आरोपियों ने छात्राओं के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
बरेली बस अड्डे से बरामद हुईं छात्राएं
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग छात्राओं को बरेली बस अड्डे से बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में शामिल दूसरे आरोपी को किशोर घोषित किए जाने के बाद उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
14 गवाहों के बयान के बाद सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रेम सिंह भंडारी ने अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने इरफान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पीड़िताओं को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी राज्य सरकार को दिया है। इस फैसले में पीड़िताओं को आर्थिक सहायता देने का निर्देश भी शामिल है।