उत्तराखंड: शौक से शुरू हुआ सफर, आज बनीं सफल उद्यमी; ऐपण कला ने दिलाई मानसी को नई पहचान
पिथौरागढ़ की BBA छात्रा मानसी कापड़ी ने पारंपरिक ऐपन कला को स्टार्टअप ‘Homies Vibes’ में बदलकर सफलता हासिल की। देवभूमि उद्यमिता योजना से प्रशिक्षण और ₹75 हजार सीड फंड मिलने के बाद आज वह सालाना ₹80 हजार से अधिक का कारोबार कर रही हैं।
Jun 17 2026 6:04PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड की पारंपरिक लोक कला ‘ऐपन’ को आधुनिक बाजार से जोड़कर पिथौरागढ़ की एक छात्रा ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। लक्ष्मण सिंह महार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की बीबीए छात्रा मानसी कापड़ी ने अपनी कला को केवल शौक तक सीमित न रखकर उसे एक सफल उद्यम में बदल दिया है। आज उनका स्टार्टअप “Homies Vibes” न केवल पारंपरिक ऐपन कला को नई पहचान दे रहा है, बल्कि स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का काम भी कर रहा है।
Uttarakhand's Mansi Emerges as a New Face of Youth Entrepreneurship
मानसी कापड़ी को बचपन से ही उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपन कला में विशेष रुचि थी। वह सुंदर और आकर्षक ऐपन डिज़ाइन तैयार करती थीं, लेकिन यह केवल उनका शौक था।उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यही कला भविष्य में उनके लिए एक सफल व्यवसाय का आधार बन सकती है। वर्ष 2024 में उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया जब उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के बूटकैंप में भाग लिया।
बूटकैंप से मिला नया विजन
द्विदिवसीय उद्यमिता बूटकैंप के दौरान मानसी को यह समझने का अवसर मिला कि किसी भी कला, हुनर या रुचि को व्यावसायिक मॉडल में कैसे बदला जा सकता है। उन्होंने अपने ऐपन कार्य को एक बिजनेस आइडिया के रूप में प्रस्तुत किया और बिजनेस मॉडल कैनवास के माध्यम से अपने स्टार्टअप की रूपरेखा तैयार की। उनकी प्रस्तुति और नवाचारी सोच से निर्णायक मंडल प्रभावित हुआ और उनका चयन 12 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए किया गया।
सीखी ब्रांडिंग से लेकर ऑनलाइन मार्केटिंग तक की बारीकियां
विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मानसी ने उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी हासिल की। उन्होंने ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन बिक्री, उद्यम पंजीकरण, बाजार प्रबंधन और व्यवसाय संचालन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
मेंटोर डॉ. रुचिता पंगुरिया के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने स्टार्टअप “Homies Vibes” की शुरुआत की और ऐपन कला को व्यावसायिक रूप से विकसित करना शुरू किया। आगे पढ़िए..
मिला ₹75 हजार का सीड फंड
मानसी की मेहनत और नवाचार को उस समय बड़ी पहचान मिली जब फरवरी 2025 में आयोजित देवभूमि उद्यमिता स्टार्टअप मेगा इवेंट में उनके स्टार्टअप को ₹75 हजार का सीड फंड प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहायता का उपयोग उन्होंने अपने उत्पादों के विकास, ब्रांड विस्तार और मार्केटिंग गतिविधियों को मजबूत करने में किया। इससे उनके व्यवसाय को नई गति मिली और ग्राहक आधार तेजी से बढ़ने लगा।
सालाना ₹80 हजार से अधिक का कारोबार
आज मानसी का स्टार्टअप पारंपरिक ऐपन कला को आधुनिक बाजार से जोड़ने का सफल उदाहरण बन चुका है। वर्तमान में वह प्रतिवर्ष लगभग ₹80 हजार मूल्य के उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। उनके उत्पादों को स्थानीय और ऑनलाइन दोनों बाजारों में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। मानसी लगातार नए डिज़ाइन और उत्पाद विकसित कर अपने व्यवसाय का विस्तार कर रही हैं।
पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणा
मानसी कापड़ी की सफलता यह साबित करती है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो वे स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कला को रोजगार के बड़े माध्यम में बदल सकते हैं। उनकी उपलब्धि विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं।
क्या है देवभूमि उद्यमिता योजना?
उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना सितंबर 2023 में शुरू की गई थी। यह पांच वर्षीय योजना उच्च शिक्षा विभाग और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के सहयोग से संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को नवाचार एवं उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना है। वर्तमान में यह योजना राज्य के 119 राजकीय महाविद्यालयों और 5 विश्वविद्यालयों में संचालित की जा रही है।
12 प्रमुख क्षेत्रों में मिल रहा प्रोत्साहन
योजना के अंतर्गत कृषि, हस्तशिल्प, पर्यटन, एग्रो प्रोसेसिंग, आयुष एवं अरोमा, ड्रोन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और हेरिटेज मैनेजमेंट जैसे 12 प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। छात्रों को बूटकैंप, प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बाजार संपर्क, ब्रांडिंग सहायता और सीड फंडिंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
युवाओं को रोजगारदाता बनाने की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, जिससे पलायन जैसी समस्या को भी कम करने में मदद मिलेगी।
मानसी कापड़ी की सफलता केवल एक छात्रा की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड में बढ़ती उद्यमिता संस्कृति की कहानी है। यह उदाहरण दिखाता है कि पारंपरिक कला, आधुनिक सोच और सरकारी सहयोग मिलकर कैसे आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर सकते हैं।