गढ़वाल: मंदिर में खेल रही थी 9 साल की बच्ची, घर लौटी तो खून से लथपथ.. सुनकर सन्न रह गए परिजन
उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की कानूनी जांच जारी है।
Jun 18 2026 12:46PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल दोनों बच्चे नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
Alleged Abuse of Minor Girl by Juvenile in Uttarkashi
जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार को पुरोला प्रखंड के एक गांव में हुई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची घर लौटने के बाद घायल अवस्था में मिली। इसके बाद पूछताछ में बच्ची ने अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी परिवार को दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। पीड़ित बच्ची को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है, जबकि कक्षा 6 में पढ़ने वाले 11 वर्षीय नाबालिग से भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ की जा रही है। आगे पढ़िए..
अधिकारियों का कहना है कि चूंकि मामले में दोनों पक्ष नाबालिग हैं, इसलिए जांच बाल संरक्षण कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की पहचान गोपनीय रखना और उनकी मानसिक एवं भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
परिवारों और समाज की भूमिका महत्वपूर्ण
बाल अधिकार विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को सुरक्षित वातावरण, उचित मार्गदर्शन और जागरूकता देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचित करना चाहिए।