image: Kedarnath Yatra Rockfall Leaves Delhi Teen Critically Injured

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पत्थर गिरे, दर्दनाक हादसे में घायल युवक की श्रीनगर बेस के डाक्टरों ने ऐसे बचाई जान

केदारनाथ यात्रा के दौरान घायल हुए दिल्ली के 18 वर्षीय युवक की श्रीनगर गढ़वाल स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में चार घंटे तक चली जटिल ब्रेन सर्जरी की गई। मरीज फिलहाल आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
Aug 7 2026 11:40AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

केदारनाथ यात्रा के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल दिल्ली के 18 वर्षीय युवक की हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल, श्रीनगर में चार घंटे तक चली जटिल न्यूरो सर्जरी की गई। फिलहाल मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

Kedarnath Yatra Rockfall Leaves Delhi Teen Critically Injured

जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी सत्यम (18) केदारनाथ यात्रा के दौरान सिर पर भारी पत्थर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि सीएचसी से बेहोशी की हालत में श्रीकोट स्थित बेस अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचते ही न्यूरोसर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात पुरोहित ने तत्काल सीटी स्कैन कराया। जांच में पता चला कि सिर की हड्डी टूटकर मस्तिष्क के भीतर धंस गई थी, जिससे मरीज की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।

देर रात शुरू हुई चार घंटे की जटिल सर्जरी

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों की सहमति के बाद बुधवार देर रात करीब 12 बजे इमरजेंसी न्यूरो सर्जरी शुरू की गई। यह ऑपरेशन लगातार चार घंटे चला और सुबह करीब 4 बजे पूरा हुआ। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मस्तिष्क में धंसी हड्डी को सावधानीपूर्वक निकालकर आवश्यक उपचार किया। ऑपरेशन के बाद मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चा

इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र कुमार और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभात पुरोहित ने किया। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मोहित सैनी और पीजी एनेस्थीसिया टीम के साथ नर्सिंग अधिकारियों जी.एल. सैनी, अनु जुयाल, अंकित, प्रियंका सेमवाल और अंजली ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉक्टर बोले- समय पर सर्जरी करना जरूरी था

प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि घायल बेहद गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। परिजनों की अनुमति मिलते ही बिना देर किए चार घंटे तक लगातार ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि सर्जरी सफल रही, लेकिन मरीज की हालत अभी भी गंभीर है और विशेषज्ञों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

गंभीर न्यूरो सर्जरी का उभरता केंद्र बन रहा बेस अस्पताल

हाल के समय में बेस अस्पताल श्रीनगर में कई जटिल न्यूरो सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं। इससे पहले 23 जुलाई को रुद्रप्रयाग के कालीमठ क्षेत्र की 85 वर्षीय महिला के मस्तिष्क में सबड्यूरल हेमेटोमा का सफल ऑपरेशन भी इसी अस्पताल में किया गया था। लगातार सफल न्यूरो सर्जरी के बाद श्रीनगर का बेस अस्पताल केदारनाथ यात्रा मार्ग और पूरे गढ़वाल क्षेत्र में गंभीर मस्तिष्क चोटों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर रहा है।


View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home