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डीएम मंगेश घिल्डियाल की मेहनत रंग लाई, रुद्रप्रयाग जिले का देशभर में पहला नंबर

उत्तराखंड को ऐसे जिलाधिकारियों पर गर्व है। मंगेश घिल्डियाल ने असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल किया और रुद्रप्रयाग जिले को देशभर में पहला नंबर मिला।
Sep 10 2018 4:35AM, Writer:कपिल

एक जिले की जिम्मेदारी होती है जिलाधिकारी पर। ये जिलाधिकारी पर ही निर्भर करता है कि जिले के लोगों में मजबूत प्रशासन का भरोसा जगाए। इस वक्त उत्तराखंड में कुछ जिलाधिकारी ऐसे भी हैं, जिनके कामों को देखकर देशभर में तारीफ हो रही हैं और इन्हीं में से एक हैं मंगेश घिल्डियाल। कड़ी मेहनत, अभूतपूर्व क्षमता और जबरदस्त कार्यकुशलता का जीता-जागता प्रमाण हैं मंगेश घिल्डियाल। एक ऐसा जिलाधिकारी जो निर्विवाद रूप से देश के टॉस IAS अधिकारियों में से एक है। अब इसी बेहतरीन कार्यकुशला का नतीजा है कि रुद्रप्रयाग जिले ने देशभर में पहला नंबर हासिल किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) यानी (पीएमएवाई-जी) में रुद्रप्रयाग जिले ने सबसे पहले लक्ष्य हासिल किया है। 11 सितंबर को दिल्ली में रुद्रप्रयाग जिले को ये सम्मान दिया जाएगा।

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बताया जा रहा है कि इस सम्मान समारोह के दौरान खुद डीएम मंगेश घिल्डियाल दिल्ली में मौजूद रहेंगे। ये पहली बार नहीं है, जब मंगेश घिल्डियाल ने किसी लक्ष्य को सबसे जल्दी हासिल किया हो। केदारनाथ पुनर्निमाण में मंगेश घिल्डियाल ने अपनी जी-जान लगा दी। ये ही वो वजह से देश के प्रधानमंत्री मोदी तक उनके काम करने के अंदाज से प्रभावित हैं। आको यहां बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण यानी पीएमएवाई-जी की शुरुआत 2016-2017 में हुई थी। जिलाधिकारियों ने 2011 की जनगणना के आधार पर अपने-अपने जिले के उन परिवार की लिस्ट तैयार की थी, जो बिना घरों के रह रहे हैं। इसके बाद चयनित परिवारों को घर बनाने के लिए सरकार द्वारा धनराशि आवंटित की गई थी। हर परिवार को तीन किश्तों में ये धनराशि दी गई थी। पहली किश्त 60 हजार, दूसरी किश्त 40 हजार और तीसरी किश्त 30 हजार रुपये थी।

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इस प्रगति रिपोर्ट को केंद्र सरकार के सॉफ्टवेर में सही वक्त पर अपलोड किया गया। इस योजना की मॉनिटरिंग जिलाधिकारियों के द्वारा ही की जा रही है। मंगेश घिल्डियाल की मेहनत का ही नतीजा है कि रुद्रप्रयाग जिले को इस मामले में देशभर में पहला स्थान मिला है। अगर किसी अधिकारी के दिल में वास्तव में काम करने का जुनून हो, तो हर शख्स तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाया जा सकता है। वरना कई जिलाधिकारी तो ऐसे भी रहे हैं, जिनकी कार्यक्षमता पर सवालिया निशान खड़े हुए हैं। मंगेश घिल्डियाल एक ऐसे जिलाधिकारी हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। इसका नतीजा ये है कि बोर्ड परीक्षाओं में रुद्रप्रयाग जिले का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा। शांत स्वभाव के मंगेश ने साबित किया है कि मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचाए।


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