image: Model Cooperative Villages to Be Established in Every District of Uttarakhand

उत्तराखंड: हर जिले में बनेगा एक ‘मॉडल सहकारिता गांव’, मंत्री धन सिंह रावत का बड़ा ऐलान

उत्तराखंड सरकार हर जिले में मॉडल सहकारिता गांव स्थापित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को विस्तृत रोडमैप तैयार करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्दे
Feb 28 2026 9:42PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क

उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को मजबूत और विस्तारित करने के लिए हर जिले में एक-एक मॉडल सहकारिता गांव स्थापित किया जाएगा। इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने के लिए सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

Model Cooperative Villages to Be Established in Every District of Uttarakhand

शनिवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने संस्कृत गांव की तर्ज पर मॉडल सहकारिता गांव विकसित करने की योजना रखी। इन गांवों में सहकारी बैंक, सीएससी (Common Service Center) और सहकारी बाजार की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सहकारी बाजार स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान समूहों और ग्रामीण उत्पादकों को अपने उत्पादों के विपणन का सशक्त मंच प्रदान करेगा। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, सहकारिता आधारित आत्मनिर्भर मॉडल विकसित करना है। आने वाले समय में यह योजना प्रदेश में समावेशी और सतत विकास की नई मिसाल बनेगी।

50 सचिव जाएंगे गुजरात अध्ययन भ्रमण पर

समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि सहकारी समितियों के 50 सचिवों को अध्ययन भ्रमण के लिए गुजरात भेजा जाए। विशेष रूप से प्रारंभिक अवस्था में कार्य कर रही समितियों के सचिवों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे सफल मॉडलों का अध्ययन कर अपनी समितियों को सशक्त बना सकें।

घाटे में चल रही समितियों पर विशेष रणनीति

होली के बाद संयुक्त निबंधक, अपर निबंधक और प्रभारी अधिकारी ब्लॉक स्तर पर समीक्षा बैठकें करेंगे। घाटे में चल रही समितियों के लिए ग्राउंड जीरो पर रणनीति बनाकर कार्ययोजना लागू की जाएगी। सभी पैक्स (PACS) और एपेक्स समितियों की नियमित बोर्ड बैठकें अनिवार्य की गई हैं।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता

मंत्री ने निर्देश दिए कि सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों में शत-प्रतिशत नियुक्तियां Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएं। 15 मार्च तक भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सोशल मीडिया से होगा प्रचार-प्रसार

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की तर्ज पर प्रदेश में भी योजनाओं और सफलताओं का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय बोली-भाषा में किया जाएगा, ताकि सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।


View More Latest Uttarakhand News
View More Trending News
  • More News...

News Home